2 साल शाहरुख के खौफ और सनक में हर रोज जी रही थी अंकिता, अंत में खौफनाक मौत मिली
झारखंड में दुमका की 17 साल की अंकिता सिंह की कॉलोनी के ही युवक शाहरुख हुसैन ने जान ले ली। शाहरुख ने घर में साेते समय खिड़की से पेट्रोल डालकर उसे आग में झोंक दिया। 5 दिन बाद रांची के रिम्स में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अंकिता आईपीएस अफसर बनना चाहती थी। अंकिता की मौत के बाद दुमका में आक्रोश है।
अंकिता जिस दुमका के जरुआडीह मोहल्ले में रहती थी, वहां हिंदू और मुस्लिम की मिली-जुली आबादी है। उसके पिता संजीव सिंह बिस्किट कंपनी में सेल्समैन हैं। मां की एक साल पहले मौत हो चुकी है। घर में वह पिता, दादा और 12 साल के छोटे भाई के साथ रहती थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है।
पिता संजीव सिंह आंसू पोंछते हुए कहते हैं- तीन भाई-बहनों में मंझली अंकिता पढ़ने में काफी अच्छी थी। वह दुमका के राजकीय बालिका उच्च विद्यालय में 12वीं में पढ़ती थी।
अंकिता पिछले 2 साल से एक ऐसा दर्द झेल रही थी, जिसे वह सबके साथ शेयर नहीं कर सकती थी। इस तकलीफ का नाम शाहरुख हुसैन (22) था। शाहरुख की छवि मोहल्ले में एक आवारा किस्म के लड़के की थी। जिसका काम लड़कियों को लुभाना और अपने चंगुल में फांसना था। वह मोहल्ले की लड़कियों को अक्सर परेशान किया करता था।
माफी आगे चलकर सजा बन गई
संजीव ने कहा- बेटी अंकिता पिछले 2 साल से शाहरुख की हरकतों से परेशान थी। जब हमने इस मामले में पुलिस का सहारा लेना चाहा तो शाहरुख के बड़े भाई ने आकर माफी मांग ली। यह विश्वास भी दिलाया कि अब उसका भाई कभी परेशान नहीं करेगा। थोड़े दिनों तक सब ठीक-ठाक चलता रहा, लेकिन फिर शाहरुख अपनी आदत से बाज नहीं आया।
उसने फिर अंकिता को परेशान करना शुरू कर दिया। 10-15 दिन से रोज धमकी देता था। 22 अगस्त को उसने फोन पर धमकी दी। उसने जैसा कहा था, एक दिन बाद वैसा ही कर दिखाया।
मौत के पहले सबकुछ बयां किया
मौत से पहले अंकिता ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट चंद्रजीत सिंह और एसडीपीओ नूर मुस्तफा के सामने बयान दिया। उसने कहा- 23 अगस्त की सुबह पांच बजे के आसपास मैं अपने कमरे में सो रही थी। अचानक कमरे की खिड़की के पास आग की लपटें देखकर मैं डर गई। मैंने देखा कि मोहल्ले का आवारा लड़का शाहरुख हुसैन हाथ में पेट्रोल का कैन लिए मेरे घर की तरफ से भाग रहा था। तब तक आग मेरे शरीर में भी लग चुकी थी और मुझे काफी जलन सी महसूस हो रही थी।
स्कूल और ट्यूशन जाते समय पीछा करता
अंकिता ने मौत से पहले दिए अपने बयान में कहा कि जब भी मैं स्कूल या ट्यूशन के लिए जाती, वह मेरा पीछा करता। हालांकि मैंने कभी उसकी हरकतों को सीरियसली नहीं लिया, लेकिन उसने कहीं से मेरे मोबाइल का नंबर जुगाड़ कर लिया था। उसके बाद अक्सर मुझे फोन करके मुझसे दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा। मैंने उसे स्पष्ट कर दिया था कि मुझे इन सबसे कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस कस्टडी में हंसता दिखा आरोपी
पुलिस कस्टडी में आरोपी हंसता हुआ दिखाई दिया। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। पुलिस जब आरोपी को गिरफ्तार कर ले जा रही थी, तो वो हंसता हुआ दिखाई दिया। उसकी बॉडी लैंग्वेज से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि उसे किसी तरह का अफसोस है। शाहरुख को पुलिस ने 23 अगस्त को ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुलिस ने सोमवार को पेट्रोल देने वाले उसके साथी छोटू खान को भी गिरफ्तार किया है।
तड़पकर मरी है बेटी, फांसी मिले शाहरुख को
अंकिता के पिता संजीव ने भी कहा कि उसकी बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनकी बेटी तड़पकर मरी है, उसके एवज में हत्यारे को फांसी होनी चाहिए।